ऊर्जा निगमों में दलित अभियंताओं के उत्पीड़न पर केशव प्रसाद मौर्य से हस्तक्षेप की मांग | up politics news
लखनऊ के सरकारी आवास पर मंगलवार को पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भेंट की। इस दौरान ऊर्जा निगमों के भीतर दलित और पिछड़ा वर्ग के अभियंताओं के कथित उत्पीड़न का मामला प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा लगातार की जा रही अनुचित कार्रवाई से पूरे प्रदेश के तकनीकी अधिकारियों और अभियंताओं में भारी असंतोष व्याप्त है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि इस प्रकार के पक्षपातपूर्ण रवैये पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता और कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ेगा। इस स्थिति का सीधा असर राज्य सरकार की छवि पर भी पड़ सकता है, जिसे लेकर अधिकारियों ने चिंता जताई है।
इस गंभीर मसले को लेकर अब संगठन ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से भी मुलाकात का समय मांगा है और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी यह मामला रखे जाने की बात कही है। आने वाले दिनों में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन जुटाने की भी योजना है। इस प्रकार के प्रशासनिक विवादों से आम जनता के बीच सरकारी कामकाज और सामाजिक न्याय की नीतियों पर भी असर पड़ता है, जिससे सरकार को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष पीएम प्रभाकर और संगठन सचिव अजय कुमार समेत कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल रहे।
