अदालतों में अधिकारियों के भड़कीले कपड़ों और रंगीन चश्मों पर रोक, सख्त ड्रेस कोड लागू | uttar pradesh news
अदालत की गरिमा और प्रशासनिक अनुशासन को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब सरकारी अधिकारियों को न्यायालयों में व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होते समय निर्धारित औपचारिक ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करना होगा [uttar pradesh news]। न्याय विभाग के निर्देशों के बाद नियुक्ति विभाग द्वारा इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेज दिया गया है।
नए नियमों के तहत, शपथ पत्र पर लगाए जाने वाले फोटो में भी अधिकारियों का स्वरूप मर्यादित और उचित पोशाक में होना चाहिए। तस्वीरों में भड़कीले कपड़े, खुले बाल और रंगीन चश्मे या सनग्लासेज पूरी तरह से अस्वीकार्य कर दिए गए हैं। इसके अलावा, दस्तावेजों की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए शपथ पत्र और उस पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों, शपथ आयुक्तों या नोटरी के लिए केवल नीली स्याही का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। मुहर का रंग भी काला या अन्य रंग का होने के बजाय तय मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
यह निर्देश राजस्व परिषद के अध्यक्ष, कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिव स्तर के तमाम अधिकारियों पर लागू होते हैं। अदालती कार्यवाही के दौरान इस तरह के नियमों के सख्ती से लागू होने से न्यायिक प्रक्रिया में अनुशासन और अधिक मजबूत होगा, जिससे आम जनता के बीच प्रशासनिक तंत्र की छवि पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
