कन्नौज काऊ मिल्क प्लांट को 10 साल के लिए एनडीडीबी को सौंपा गया, दुग्ध उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा | uttar pradesh news
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में स्थित अत्याधुनिक काऊ मिल्क प्लांट के दिन अब बहुरने वाले हैं। लंबे समय से बंद पड़े इस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) को सौंप दी गई है। प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (PCDF) और एनडीडीबी के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत इस प्लांट को आगामी 10 वर्षों के लिए लीज और प्रॉफिट शेयरिंग के आधार पर हस्तांतरित किया गया है। [uttar pradesh news]
लगभग 84 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट की कुल क्षमता प्रतिदिन एक लाख लीटर दूध संकलन की है। वर्ष 2019 में इसका निर्माण पूरा होने के बाद दिसंबर से कामकाज शुरू हुआ था, लेकिन पर्याप्त मात्रा में दूध न मिलने और वित्तीय घाटे के चलते यह अक्टूबर 2022 से बंद चल रहा था। इस नए समझौते के अनुसार, पीसीडीबी को हर साल 1.07 करोड़ रुपये लीज रेंट के रूप में मिलेंगे और इसके अलावा मुनाफे में भी 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राप्त होगी।
इस बड़े बदलाव से क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों और किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। एनडीडीबी के जुड़ने से प्लांट की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह कदम उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगा।
