लखनऊ में up politics news के तहत दिव्यांग शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन, तबादला सूची की मांग
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ दिव्यांग शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा है। हजरतगंज स्थित जीपीओ पार्क के बाहर सोमवार को बड़ी संख्या में जुटे दिव्यांग शिक्षकों ने up politics news के माहौल के बीच सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों का मुख्य आरोप है कि बार-बार आवेदन करने और तमाम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बावजूद शासन स्तर से अंतरजनपदीय स्थानांतरण सूची जारी नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शकारियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी हर बार केवल आश्वासन देकर उन्हें टरका रहे हैं। चार जून 2026 के शासनादेश में दिव्यांग शिक्षकों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों और संरक्षकों के लिए अंतरजनपदीय स्थानांतरण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के कारण इस नियम का जमीनी लाभ पात्र शिक्षकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कई बार पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस प्रदर्शन से आम जनता के बीच भी यह संदेश गया है कि यदि समय पर नीतिगत फैसलों का क्रियान्वयन न हो, तो जरूरतमंद वर्ग को किस प्रकार की कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है। संगठन के जिला अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो राज्य स्तर पर बड़े संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अब सबकी निगाहें शासन और बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वे कब तक इन शिक्षकों की जायज मांगों को मानकर स्थानांतरण सूची को सार्वजनिक करते हैं।
