गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस में national news के तहत चूहों और टूटे नल से यात्री परेशान
ट्रेनों के भीतर बढ़ती यात्री समस्याओं के बीच अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ताजा मामला गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस का है, जहां यात्रियों को चूहों के आतंक और खराब बुनियादी सुविधाओं का सामना करना पड़ा है। ट्रेन के कोच के भीतर चूहों द्वारा खाने का सामान कुतर दिए जाने से यात्रियों में रोष व्याप्त है, जो रेलवे की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल खोलता है।
यात्री अनूप सिंह ने गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-1 में सफर के दौरान इस समस्या का सामना किया, जहां बर्थ पर रखा उनका खाद्य पदार्थ चूहों द्वारा नष्ट कर दिया गया। चलती ट्रेन में इस प्रकार की घटनाओं से यात्रियों के स्वास्थ्य और सामान की सुरक्षा पर संकट मंडराने लगा है। पीड़ित यात्री द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से तुरंत हाउसकीपिंग और पेस्ट कंट्रोल स्टाफ की मांग की गई, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने मामले में संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। इस तरह की घटनाएं न केवल यात्रियों की यात्रा को असहज बनाती हैं, बल्कि भारतीय रेलवे की सेवाओं की गुणवत्ता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
इसी यात्रा के दौरान एक अन्य कोच में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का दूसरा मामला भी सामने आया। कोच एस-2 में सफर कर रहे यात्री सचिन जोशी ने शौचालय के टूटे हुए नल से लगातार बह रहे पानी की शिकायत दर्ज कराई। पानी की बर्बादी और गंदगी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इस प्रकार की समस्याएं दर्शाती हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले ट्रेनों की उचित जांच और रख-रखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने का भरोसा दिया गया है, लेकिन इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। लगातार सामने आ रही कॉकरोच, मच्छर और अब चूहों की समस्याएं यात्रियों के भरोसे को कम करती हैं। जनता से जुड़े इन मुद्दों का समय पर समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, जिससे भविष्य में सफर करने वाले यात्रियों को भी ऐसी कठिनाइयों से जूझना पड़ सकता है।
