लखनऊ में up news जागरूकता के लिए पुलिस वाहनों का होगा इस्तेमाल, लोक अदालत का प्रचार
आम जनमानस को न्याय प्रक्रिया से जोड़ने और मुकदमों के त्वरित निस्तारण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी इसका लाभ मिल सके। इस अभियान से जनता को अदालतों के चक्कर काटने से राहत मिलने की उम्मीद है और मामलों का निपटारा सुगमता से हो सकेगा।
न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने इस अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत नागरिकों को उनके लंबित विवादों का सरल और बिना किसी तनाव के समाधान पाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। इस प्रकार के आयोजनों से न केवल अदालतों का बोझ कम होता है, बल्कि आम जनता का समय और धन दोनों बचते हैं।
इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए पुलिस विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी एवं पुलिस उपायुक्त किरन यादव ने बताया कि यूपी 112 की पीआरवी गाड़ियां शहर से लेकर गांवों की गलियों तक घूमकर लोगों को जागरूक करेंगी। इन वाहनों के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि वे किस प्रकार दीवानी मामलों, पारिवारिक विवादों, बैंक ऋणों, मोटर दुर्घटना दावों और चालान से जुड़े छोटे-मोटे मुकदमों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर करवा सकते हैं।
यह जन-जागरूकता अभियान शहर के प्रशासनिक ढांचे और पुलिस तंत्र के बीच बेहतरीन तालमेल का उदाहरण है, जिससे न्यायिक सेवाओं को आम आदमी की पहुंच के और करीब लाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने पुराने विवादों को आपसी समझौते से खत्म कर एक नई शुरुआत करें। आगामी दिनों में इस मुहिम के और अधिक प्रभावी परिणाम सामने आने की संभावना है।
