ऋषि कपूर की बर्थ एनिवर्सरी पर याद आए गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से जुड़े दिलचस्प bollywood किस्से
दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की 74वीं जयंती के अवसर पर उनके जीवन से जुड़े कई अनसुने और दिलचस्प पहलू एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। अपनी आत्मकथा ‘खुल्लम खुल्ला’ और विभिन्न साक्षात्कारों के माध्यम से अभिनेता ने अपने दौर के कई राज खोले थे, जिनमें कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के साथ हुई मुलाकातों का जिक्र भी शामिल था। इस खुलासे ने एक समय पर काफी सुर्खियां बटोरी थीं और यह घटना भारतीय सिनेमा जगत और उस दौर के अंडरवर्ल्ड के संबंधों को समझने का एक जरिया बनी थी।
ऋषि कपूर ने बताया था कि उनकी दाऊद इब्राहिम से पहली मुलाकात साल 1988 में दुबई में हुई थी। वह वहां एक शो के सिलसिले में गए थे, तभी एक व्यक्ति फोन लेकर आया और दाऊद से उनकी बात कराई। इसके बाद दाऊद ने उन्हें अपने घर चाय पर आमंत्रित किया था। अभिनेता के अनुसार, 1993 के मुंबई बम धमाकों से पहले दाऊद केवल एक भगोड़ा था और उस पर गंभीर अपराधों के वे आरोप नहीं थे, जो बाद में लगे। इसलिए उन्हें इस मुलाकात में कुछ भी असामान्य या गलत नहीं लगा था। चार घंटे चली इस बैठक में दाऊद ने अपनी लग्जरी कार भेजी थी और फिल्मों को लेकर बातचीत की थी।
इसके बाद दूसरी मुलाकात साल 1989 में दुबई के ही एक जूते के स्टोर में हुई थी, जहां दाऊद अपने अंगरक्षकों के साथ आया था और उसने खुद ऋषि कपूर को पहचानकर बातचीत की थी। अभिनेता ने स्पष्ट किया था कि दाऊद उनके पिता राज कपूर का बहुत बड़ा प्रशंसक था और राज कपूर के निधन पर उसने शोक भी भेजा था। फिल्मों में काम करने के दौरान ऐसे लोगों से हुई मुलाकातें कई बार कलाकारों को नेगेटिव या ग्रे शेड के किरदार गढ़ने में मदद करती हैं, जैसा कि ऋषि कपूर ने अपने करियर के उत्तरार्ध में निभाया था।
ऋषि कपूर का फिल्मी सफर भारतीय सिनेमा के स्वर्ण काल का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने साल 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की और 1973 में ‘बॉबी’ से मुख्य अभिनेता के रूप में पदार्पण करके रातोंरात शोमैन की ख्याति प्राप्त की। अपने लंबे करियर में उन्होंने रोमांटिक हीरो से लेकर ‘अग्निपथ’ और ‘मुल्क’ जैसी फिल्मों में चुनौतीपूर्ण किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनका यह सफर और जीवन से जुड़े खुलासे आज भी दर्शकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।
