नेपाल के पीएम बालेन का दावा, भारत ने कब्जाई जमीन; विदेश मंत्रालय ने दी सफाई – cross border occupation
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने हाल ही में एक बयान दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि नेपाल ने भारत की जमीन पर कब्जा किया है। इस बयान के बाद नेपाल की संसद में हंगामा मच गया और विपक्षी दलों ने उनसे सबूत मांगे। हालांकि, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बाद में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का आशय ‘क्रॉस-बॉर्डर ऑक्यूपेशन’ से था।
क्या है क्रॉस-बॉर्डर ऑक्यूपेशन?
भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिसमें से अधिकांश खुली है। सीमा पर ‘नो मैन्स लैंड’ या ‘दसगजा’ के रूप में दोनों देशों के बीच एक पट्टी छोड़ी जाती है, जिस पर किसी भी नागरिक को स्थायी निर्माण या खेती की अनुमति नहीं है। हालांकि, सीमावर्ती इलाकों में, खासकर बिहार जैसे राज्यों में, कुछ जगहों पर पिलर न होने के कारण लोग इस जमीन पर कब्जा कर लेते हैं और खेती करते हैं। भारत का सशस्त्र सीमा बल और नेपाल सशस्त्र पुलिस मिलकर ऐसे कब्जों को हटाने का प्रयास करते रहते हैं।
बालेन के बयान का संभावित असर
प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस बयान से नेपाल की कूटनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है। यदि ब्रिटेन जैसे अन्य देश इसमें शामिल होते हैं, तो मामला और जटिल हो सकता है। यह बयान भारत-नेपाल के बीच सीमा विवाद को फिर से चर्चा में ला सकता है, जिससे दोनों देशों के संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
