ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में ग्राम पंचायत सचिव व बीएलडब्ल्यू ने सौंपा ज्ञापन
शासन के नए आदेश के अनुसार ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों को ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी है। इस आदेश के विरोध में सोमवार को राजीव भवन पहुंचकर ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ की संयुक्त समिति ने मुख्य विकास अधिकारी मनीष मीना को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया और आगामी आंदोलन की रणनीति से भी अवगत कराया।
संयुक्त समिति के अध्यक्षों, ग्राम विकास अधिकारी संघ के सियाराम गौतम और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के रामकुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में पंचायत घर पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरे प्रदेश के अधिकारियों ने मिलकर लिया है। विरोध के पहले चरण के तौर पर सोमवार से 4 दिसंबर तक जिले के सभी ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी काली पट्टी बांधकर सरकारी कामकाज करेंगे।
विरोध प्रदर्शन का दूसरा चरण 5 दिसंबर से शुरू होगा, जिसमें ब्लॉक मुख्यालयों पर सभी अधिकारी एकत्रित होकर सांकेतिक सत्याग्रह करेंगे। अपनी मांगों को बुलंद करने के लिए यह कदम उठाया जाएगा। इसके बाद 10 दिसंबर को ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी सरकारी कार्यों के लिए अपनी निजी मोटरसाइकिल का प्रयोग नहीं करेंगे। आंदोलन का अगला चरण 15 दिसंबर को होगा, जब अधिकारी जटिल ई-ग्राम स्वराज और गेटवे प्रणाली का पूर्णतः बहिष्कार करेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष सियाराम गौतम, महामंत्री हरेन्द्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष रामकुमार चौधरी और महामंत्री नानक राम सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था अव्यवहारिक है और इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता।
