नैनीताल में होम स्टे के लिए नए नियम लागू, डीएम ने जारी किए सख्त आदेश
नैनीताल जिले में होम स्टे के संचालन को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई अहम निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के तहत, अब होम स्टे चलाने वाले संचालकों का परिसर में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, यदि होम स्टे सड़क किनारे स्थित हैं, तो कमरों की संख्या के अनुरूप पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
जिले के सभी उप-जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित होम स्टे का नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बैठक में पर्यटन विभाग को महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य पर्वतीय संस्कृति से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण को बल प्रदान करना है।
स्वच्छता अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने नगर निगम और पालिका के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन एक वार्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जाए। किसी भी प्रकार की गंदगी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सफाई निरीक्षक और पर्यावरण मित्रों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध सेवा समाप्त करने जैसी कार्रवाई की जाएगी। कूड़ा निस्तारण में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सड़कों और चौराहों को चौड़ा किया जा सके और यातायात सुगम हो। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए उप-जिलाधिकारियों को विशेष जांच चौकियां स्थापित करने और नियमित चेकिंग करने का आदेश दिया गया है।
बैठक के दौरान, नैनीताल को एक प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने नए वेडिंग डेस्टिनेशन चिन्हित करने और उनके प्रचार-प्रसार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए।
शीतकाल को देखते हुए, जिलाधिकारी ने निकायों को रैन बसेरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। इसमें जलौनी लकड़ी और असहाय लोगों के लिए कंबलों की व्यवस्था शामिल है, ताकि ठंड के मौसम में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
