Muzaffarpur news: कोरोना और बाढ़ राहत फंड में 4 करोड़ की हेराफेरी, CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
मुजफ्फरपुर के मुशहरी अंचल में कोरोना काल और बाढ़ राहत कार्यों में 4 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ है। महालेखाकार कार्यालय, पटना की ऑडिट रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई है कि वित्तीय वर्ष 2020-2021 के दौरान जरूरतमंदों को भोजन कराने से लेकर उनके आवासन में बड़ी राशि की हेराफेरी की गई। यह अनियमितता ऐसे समय में सामने आई है जब लोग महामारी और बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे थे।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, मुशहरी अंचल में आई बाढ़ में सामुदायिक रसोईघर पर 1.94 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसमें खाद्यान्न सामग्री, गैस सिलेंडर आपूर्ति, पंडाल-टेंट और भोजन तैयार करने वाले श्रमिकों आदि पर व्यय दिखाया गया। हालांकि, जांच में आपूर्तिकर्ता चयन से संबंधित अभिलेख, रसोईघर स्थल का नाम, भोजन करने आए लोगों का पंजीकरण और भंडार वितरण पंजी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
इसी तरह, कोरोना महामारी के दौरान अंचल में लगाए गए क्वारंटाइन सेंटरों पर विभिन्न मदों में 1.43 करोड़ रुपये खर्च किए गए। ऑडिट में पाया गया कि लाभार्थियों की सूची से लेकर आपूर्तिकर्ता के चयन तक के अभिलेख उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा, विभिन्न आपदाओं में मृत लोगों के आश्रितों को मुआवजा राशि के रूप में 88 लाख रुपये का व्यय दिखाया गया, लेकिन बिल, लाभुकों की सूची और भुगतान प्राप्तकर्ता की रसीद जैसे दस्तावेज भी गायब थे।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अंकेक्षण निदेशालय ने जिलाधिकारी को जांच कराने को कहा है। इसमें अनियमितता मिलने पर दोषी पदाधिकारी व कर्मचारियों पर कार्रवाई का भी आग्रह किया गया है। मुशहरी के अंचलाधिकारी ने इस संबंध में कहा है कि उन्हें अभी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन रिपोर्ट मिलने के बाद इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
