सीडी विवाद में हत्या: अधिवक्ता को उम्रकैद, 16 साल बाद कोर्ट का फैसला
कानपुर की एक अदालत ने 16 साल पुराने हत्या के मामले में अधिवक्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह घटना सीडी बदलने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपर जिला जज राकेश कुमार तिवारी ने अधिवक्ता को उम्रकैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी राशि मृतक के परिजनों को दी जाएगी।
यह मामला 16 नवंबर 2009 का है, जब रावतपुर निवासी संतोष कुमार गुप्ता ने एक दुकान से सीडी खरीदी थी। घर ले जाने पर पता चला कि सीडी पायरेटेड है। जब वह दुकानदार के पास असली सीडी मांगने गया तो विवाद बढ़ गया। दुकानदार, जो एक अधिवक्ता है, ने रिवाल्वर निकाल ली और गोली चला दी। इस गोली से ज्ञान प्रकाश नामक व्यक्ति की मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन पक्ष ने 10 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उन्हें हत्या का दोषी पाया और सजा सुनाई। इस घटना ने कानून के पेशे से जुड़े व्यक्ति द्वारा किए गए जघन्य अपराध को उजागर किया है, जिससे समाज में कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।
स्टेनोग्राफर परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की भीड़ ट्रेनों में घुसी, कानपुर सेंट्रल पर अफरातफरी
स्टेनोग्राफर परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की भीड़ ने ट्रेनों में मचाया हंगामा, Kanpur Central पर अफरातफरी
आईआईटी कानपुर में शोधार्थी को छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि, IIT Kanpur student tribute
सीडी विवाद में हत्या: अधिवक्ता को उम्रकैद, 12 हजार जुर्माना
कानपुर: फर्जी डिग्री मामले में अधिवक्ता आशीष शुक्ला की जमानत अर्जी खारिज, जानें क्या है पूरा मामला
हिन्दुओं की एकजुटता से भारत बनेगा विश्वगुरु: सांसद अवस्थी
कानपुर में भीषण जाम: परीक्षा के बाद स्कूली वाहनों ने बढ़ाई मुसीबत, ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई
यूपी आशुलिपिक परीक्षा: रीजनिंग के सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाया, क्रीम से दूध अलग करने की विधि पर चकराए
