मुजफ्फरपुर में चिट फंड कंपनी का भंडाफोड़, नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले 4 नेपाली गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी चिट फंड कंपनी का भंडाफोड़ किया है। रविवार शाम कोल्हुआ पैगंबरपुर इलाके में चल रहे इस फर्जी कार्यालय पर पुलिस ने छापामारी कर चार नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई रंजीत कापड़ नामक एक पीड़ित की शिकायत के बाद की गई। रंजीत ने पुलिस को बताया कि नेपाल के विभिन्न जिलों के रहने वाले सुजन दुनगाना, हेमराज मल्ला, यशराम तमांड और भरत अधिकारी उसे कंप्यूटर ऑपरेटर और अकाउंटेंट जैसी नौकरियां दिलाने का वादा कर मुजफ्फरपुर लाए थे। उन्होंने रंजीत से नौकरी लगवाने के एवज में 2 लाख 20 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद बैरिया स्थित एक मकान में उन्हें एक सप्ताह तक ट्रेनिंग भी दी गई।
ट्रेनिंग के दौरान रंजीत की मुलाकात अनिल बहादुर थापा, वेदकर्न, धनश्याम भुजैल, अर्जुन भुजैल, सुरेश लामा और सुशील लामा जैसे अन्य युवकों से हुई। इन लोगों ने भी बताया कि वे भी नौकरी के नाम पर इन चारों आरोपितों को लगभग साढ़े चार लाख रुपये दे चुके हैं। आरोपितों ने उन्हें यह भी झांसा दिया था कि अगर वे अपने साथ तीन-चार और लोगों को जोड़ेंगे तो उनकी नौकरी पक्की हो जाएगी और वेतन भी मिलना शुरू हो जाएगा। जब रंजीत ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपितों ने मना कर दिया, जिससे उसे ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण कागजात भी जब्त किए हैं, जिनकी गहनता से जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष रोहन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ लोग फर्जी कार्यालय खोलकर युवकों से नौकरी के नाम पर ठगी कर रहे हैं। इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को पकड़ा गया है। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। इस घटना से क्षेत्र में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
