मुगल काल से गहने बेच रहा भारत का सबसे पुराना ज्वेलर, 198 साल में बनाया ₹4190 करोड़ का साम्राज्य
भारत की धरती पर गहनों का कारोबार सदियों पुराना है, लेकिन जब बात सबसे पुरानी ज्वेलरी कंपनी की आती है, तो चंदूकाका सराफ ज्वेल्स का नाम सबसे पहले आता है। 198 साल के गौरवशाली इतिहास के साथ, इस कंपनी ने न केवल समय की कसौटी पर खुद को खरा साबित किया है, बल्कि एक विशाल साम्राज्य भी खड़ा किया है।
चंदूकाका सराफ ज्वेल्स की नींव सन 1827 में रखी गई थी, जो मुगल साम्राज्य के अंतिम वर्षों का समय था। पुणे के पास चंदूलाल शाह द्वारा खोले गए एक छोटे से स्टोर से शुरू हुआ यह सफर आज पूरे महाराष्ट्र में फैला हुआ है। यह कंपनी वास्तव में भारत की सबसे पुरानी ज्वेलरी फर्मों में से एक है, जिसने पीढ़ियों से ग्राहकों का विश्वास जीता है।
हाल ही में, 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष (FY24) में, कंपनी की पैरेंट कंपनी चंदूकाका सराफ एंड संस प्राइवेट लिमिटेड ने ₹4,190 करोड़ का शानदार राजस्व अर्जित किया। यह पिछले वित्तीय वर्ष (FY23) की तुलना में 18% की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि कंपनी की मजबूत बाजार उपस्थिति और ग्राहकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
वर्तमान में, कंपनी का नेतृत्व चेयरमैन किशोरकुमार जिनदत्त शाह और डायरेक्टर नेहा किशोरकुमार शाह कर रहे हैं, जबकि सम्यक किशोरकुमार शाह एमडी के रूप में कंपनी के विकास को गति दे रहे हैं। उनके कुशल नेतृत्व में, चंदूकाका सराफ ज्वेल्स ने आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम तैयार किया है।
कंपनी के स्टोर आज बारामती, पुणे, नासिक, अहिल्यानगर, सोलापुर, धुले सहित महाराष्ट्र के कई प्रमुख शहरों में मौजूद हैं। ग्राहकों को आकर्षित करने और उन्हें विशेष अनुभव प्रदान करने के लिए, चंदूकाका सराफ ज्वेल्स विभिन्न आकर्षक योजनाएं भी संचालित करती है। इनमें ‘गोल्डन एरा स्कीम’ शामिल है, जो मेकिंग चार्ज पर 50% की छूट प्रदान करती है। इसके अलावा, ‘गोल्ड ड्रीम प्लान’ जीरो फीसदी मेकिंग चार्ज और ‘स्मार्ट वेडिंग प्लान’ के तहत मेकिंग चार्ज पर 50% की छूट और डायमंड ज्वेलरी के लिए इंस्टॉलमेंट अमाउंट पर 30% का लाभ देता है। ये योजनाएं ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण गहने किफायती दामों पर खरीदने का अवसर प्रदान करती हैं।
