मिथिला विश्वविद्यालय में दीक्षा समारोह: छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, गिरफ्तारी
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को दीक्षा समारोह के अवसर पर संयुक्त छात्र मोर्चा के बैनर तले छात्रों ने नागेंद्र झा स्टेडियम के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं ने विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता और कमीशनखोरी के माहौल पर चिंता जताई।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, छात्र नेता मिर्जापुर चौक से मार्च करते हुए विश्वविद्यालय मुख्यालय की ओर बढ़े। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान बजते ही खड़े होकर सामूहिक राष्ट्रगान गाकर अपनी अनुशासनबद्धता का परिचय दिया। हालांकि, वे बार-बार कुलाधिपति से वार्ता करने की मांग कर रहे थे।
प्रशासनिक अधिकारियों, जिनमें एसडीओ और डीएसपी शामिल थे, ने छात्रों से बातचीत की। शुरुआत में छात्र शांत हुए, लेकिन जब अधिकारियों ने दोबारा मिलने का आश्वासन पूरा नहीं किया, तो छात्र और अधिक आक्रोशित हो गए। इसके बाद पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले आई। थानाध्यक्ष ने एसडीओ के माध्यम से छात्रों की मांगों का एक पत्र कुलाधिपति तक पहुंचाने के लिए आवेदन प्राप्त किया।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय वर्तमान में सबसे अराजक दौर से गुजर रहा है, जहां प्रशासन केवल उन्हीं कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है जिनसे उन्हें कमीशन प्राप्त होता है। उन्होंने विशेष रूप से दीक्षा समारोह के आयोजन पर सवाल उठाए, जिसमें केवल एक सत्र के छात्रों को शामिल किया गया और उनसे मोटी रकम वसूली गई, जबकि बदले में घटिया सामग्री दी गई। प्रदर्शनकारियों ने इस ‘वसूली’ की कड़ी निंदा की।
इस विरोध प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों के प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। सूत्रों के अनुसार, छात्रों की मुख्य मांगें विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और सभी सत्रों के छात्रों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है।
