महाराष्ट्र में बांग्लादेशी-रोहिंग्या को संरक्षण का आरोप, मंत्री ने कांग्रेस विधायक पर साधा निशाना
महाराष्ट्र सरकार में कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कांग्रेस विधायक असलम शेख पर मालाड-मालवणी क्षेत्र में बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को अवैध रूप से संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। मंत्री लोढ़ा ने बुधवार को मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी सौरभ कटियार और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में यह आरोप दोहराया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस क्षेत्र में पिछले दस वर्षों में मतदाताओं की संख्या दोगुनी हो गई है, जो अवैध घुसपैठ और मतदाता सूची में हेरफेर की ओर इशारा करता है।
**अतिक्रमण पर चिंता और कार्रवाई की मांग**
बैठक के दौरान, मंत्री लोढ़ा ने सरकारी भूखंडों पर हो रहे अतिक्रमण पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि मुंबई शहर और उपनगरों को मिलाकर महाराष्ट्र सरकार की लगभग 27 हजार एकड़ जमीन और केंद्र सरकार की पांच हजार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है। इस बड़े पैमाने पर अतिक्रमण के कारण मुंबई के नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में प्रशासन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने ऐसे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की।
**मुंबई की सुरक्षा पर खतरा**
पत्रकारों से बात करते हुए, मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि मालाड-मालवणी क्षेत्र में स्थानीय विधायक के कथित संरक्षण में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिए और रोहिंग्या अवैध रूप से रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये घुसपैठिए अवैध आधार कार्ड और राशन कार्ड का उपयोग करके मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रहे हैं। मंत्री के अनुसार, इस प्रकार की घुसपैठ मुंबई की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रही है, क्योंकि इससे मतदाता सूची की प्रामाणिकता पर सवाल उठता है और अनधिकृत व्यक्तियों को नागरिकता और वोटिंग अधिकार मिल सकते हैं।
**आंगनवाड़ियों पर भी अतिक्रमण**
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मंत्री को मालाड-मालवणी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए की गई प्रारंभिक कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में 28 आंगनवाड़ियों पर भी अतिक्रमण किया गया था, जहां मांस की बिक्री, पान की दुकानों और अन्य अवैध निर्माण कर कब्जा जमा लिया गया था। मंत्री लोढ़ा ने इन स्थानों पर कार्रवाई के दौरान कब्जा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के आदेश दिए। यह घटनाक्रम मुंबई में अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के व्यापक मुद्दे को उजागर करता है, जिस पर सरकार तत्काल ध्यान देने की मांग कर रही है।
