मेरठ: गुरुद्वारे के पास मांस फेंकने से मचा हड़कंप, पुलिस ने संभाला माहौल
मेरठ में रविवार की सुबह उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब एक गुरुद्वारे और खालसा स्कूल के निकट मांस का एक टुकड़ा फेंका गया। यह घटना उस वक्त हुई जब क्षेत्र में एक मुस्लिम परिवार द्वारा मकान खरीदने को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था, जिससे माहौल पहले से ही गरमाया हुआ था। मांस का टुकड़ा फेंके जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधीक्षक (सिटी) आयुष विक्रम सिंह और क्षेत्राधिकारी कैंट नवीना शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने बलपूर्वक लोगों को शांत कराया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका।
गुरुद्वारा कमेटी के सचिव की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शरारती तत्वों द्वारा क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने के इरादे से यह कृत्य किया गया था। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में अस्थायी पुलिस पिकेट भी लगा दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में मांस फेंकने वाले व्यक्ति का एक वीडियो भी पुलिस के हाथ लगा है, जिसकी पहचान के लिए प्रयास जारी हैं।
यह घटना एक मकान की खरीद-फरोख्त से जुड़े विवाद के बाद हुई है। अनुभव कालरा नामक व्यक्ति ने अपना मकान हाजी सईद नामक मुस्लिम कारोबारी को 1.47 करोड़ रुपये में बेचा था और बैनामा भी कर दिया था। इस पर थापर नगर के कुछ लोगों ने विरोध जताते हुए पलायन के पोस्टर के साथ थाने में हंगामा किया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बात की थी, जिसमें उन्होंने समस्या का समाधान स्वयं निकालने की बात कही थी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विवादित मकान पर ताला लगा दिया है। गुरुद्वारा कमेटी के सचिव जसवीर सिंह ने बताया कि मुस्लिम पक्ष द्वारा मकान खरीदने और अब गुरुद्वारे के पास मांस फेंकने की घटना से समुदाय में रोष है।
इस बीच, हिंदू संगठन के सचिन सिरोही और व्यापारी नेता जीतू नागपाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मकान की खरीद-फरोख्त का मामला सुलझा लिया गया है। अब नीटू और कुक्कू नामक व्यक्ति मकान खरीदेंगे और हाजी सईद को उनकी रकम वापस कर दी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने कानून हाथ में लेने की कोशिश की तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
