लखनऊ: IGP चौराहे पर ट्रैफिक ट्रायल शुरू, जाम से मिलेगी राहत (Lucknow traffic news)
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर एक बड़ा ट्रायल शुरू किया है। यह कदम शहर के उन चौराहों को जाम मुक्त बनाने की पहल का हिस्सा है, जहां लोग अक्सर घंटों जाम में फंसे रहते हैं। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य चौराहे पर वाहनों के ठहराव को पूरी तरह से खत्म करना है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यह प्रयोग हजरतगंज चौराहे पर पहले ही सफल हो चुका है। हजरतगंज के अटल तिराहा, आईटी चौराहा और हुसैनगंज चौराहा को सिग्नल-फ्री कर दिया गया है, जिससे वहां वाहनों का आवागमन बिना रुके जारी रहता है। इसी सफलता को देखते हुए अब IGP चौराहे पर भी बैरिकेडिंग लगाई गई है। एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो IGP चौराहे पर बैरिकेडिंग स्थायी कर दी जाएगी।
IGP चौराहे पर ट्रैफिक का नया रूट
IGP चौराहे पर बैरिकेडिंग के बाद ट्रैफिक फ्लो में कई बदलाव किए गए हैं ताकि वाहनों को बिना रुके निकाला जा सके।
पिकअप भवन से शहीद पथ: लोहिया अस्पताल होते हुए शहीद पथ जाने वाले वाहन अब चौराहे पर बिना रुके सीधे जा सकेंगे। इस रास्ते से बाएं मुड़कर हाईकोर्ट भी जाया जा सकेगा।
शहीद पथ से पिकअप भवन: शहीद पथ की ओर से आने वाले वाहन चौराहे पर रुके बिना सीधे पिकअप भवन की ओर निकल जाएंगे।
लोहिया अस्पताल से पिकअप भवन: लोहिया अस्पताल की ओर से आने वाले वाहन अब चौराहे से दाएं मुड़कर पिकअप भवन नहीं जा पाएंगे। उन्हें आगे जाकर यू-टर्न लेना होगा।
हयात होटल से हाईकोर्ट: हयात होटल से सीधे चौराहा पार करके हाईकोर्ट नहीं जाया जा सकेगा। इसके लिए बाएं मुड़कर आगे से यू-टर्न लेकर गंतव्य तक पहुंचना होगा।
2 लाख वाहनों का दबाव
यह चौराहा लोहिया अस्पताल और शहीद पथ को जोड़ता है, जहां प्रतिदिन 2 लाख से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। लोहिया संस्थान में रोजाना 7,500 से अधिक मरीज आते हैं। सुबह के समय ऑफिस जाने वाले और अस्पताल आने वाले मरीजों के कारण ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक होता है, जिससे लोगों को अक्सर 30 मिनट तक जाम में फंसना पड़ता है। इस नए ट्रैफिक प्लान से लोगों कोहरे और पीक आवर्स के दौरान होने वाली असुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।
