Lucknow News: सड़क खुदी, 200 परिवार कैद, विकास योजना ने बढ़ाई मुसीबत
लखनऊ के इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड की दयाल रेजिडेंसी कॉलोनी में चल रहे विकास कार्यों ने स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आरईएस विभाग की ‘त्वरित योजना’ के तहत सड़क निर्माण के नाम पर पूरी गली को खोद दिया गया है, जिससे कॉलोनी के लगभग 200 परिवार अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। घरों के सामने मलबा जमा होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गली में हर तरफ मिट्टी और मलबा फैला है। कई घरों के मुख्य द्वार मलबे से घिर गए हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं का बाहर निकलना अत्यंत कठिन हो गया है। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकालीन स्थिति में बाहर निकलना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
खुदाई के बाद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए कोई अस्थायी व्यवस्था की गई है। बारिश होने पर मिट्टी के फिसलन भरे होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। लोगों को गिरने और चोट लगने का डर सता रहा है।
निवासियों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन उन्हें इस तरह नहीं किया जाना चाहिए कि आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हो।
जल्द समाधान की मांग
कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए और घरों के सामने पड़े मलबे को तत्काल हटाया जाए। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की गति तेज कर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दयाल रेजिडेंसी के निवासी राहत की सांस ले सकें।
