लखनऊ हाईकोर्ट का आदेश: पांच किमी के दायरे में ईंट-भट्टों का होगा सर्वे, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा मदद
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर निगम, लखनऊ को एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। न्यायालय ने कहा है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर शहर की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी ईंट-भट्टों का सर्वेक्षण करें। इस सर्वेक्षण के बाद एक नया हलफनामा दाखिल किया जाएगा, जिसमें ईंट-भट्टों की स्थापना की तिथि, उनकी अनुमति की स्थिति और संबंधित वैधानिक प्राधिकरणों द्वारा दी गई स्वीकृतियों का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने दुर्गेश कुमार सिंह द्वारा वर्ष 2010 में दायर एक जनहित याचिका पर सुनाया। न्यायालय ने अपने आदेश में उत्तर प्रदेश ईंट-भट्टा (स्थापना हेतु स्थान निर्धारण मापदंड) नियमावली, 2012 के नियम 2(i) का उल्लेख किया। इस नियम के अनुसार, नगर निगम की बाहरी सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर ईंट-भट्टों की स्थापना प्रतिबंधित है, और यह नियम 27 जून 2012 से प्रभावी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंट-भट्टों के संचालन की अनुमति की अवधि पांच वर्ष होती है, और 2012 के नियम अधिसूचित होने के बाद ऐसे भट्टों के संचालन की अनुमति के नवीनीकरण पर विचार किया जाना आवश्यक है। इस आदेश का उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
