लखनऊ और वाराणसी होंगे भिक्षुक मुक्त, पुनर्वास केंद्र होंगे स्थापित: केंद्र सरकार का आदेश
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों, लखनऊ और वाराणसी को भिक्षुक मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव मोना खंधारी ने हाल ही में प्रदेश के समाज कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान यह आदेश जारी किए। उन्होंने इन शहरों में भिक्षावृत्ति को समाप्त करने के लिए पुनर्वास प्रयासों को तेज करने और अधिक से अधिक पुनर्वास केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया है।
यह पहल प्रदेश के उन 10 जिलों में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान का हिस्सा है जिन्हें विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। अतिरिक्त सचिव ने पुलिस की मदद से इन जिलों में विशेष अभियान चलाने और भिक्षुओं को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस कदम से लाखों लोगों को बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलेगा और शहरों की छवि सुधरेगी।
इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, छात्रवृत्ति योजना, वरिष्ठ नागरिक कल्याण योजना और नशामुक्ति अभियान की भी समीक्षा की। योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए गए। अटल वयो अभ्युदय योजना के लिए बजट आवंटन जल्द कराने का आश्वासन दिया गया, जिससे वृद्धाश्रमों में सुविधाओं में सुधार होगा। ड्रग डिएक्शन सेंटरों में पंजीकरण और नियमित देखभाल पर भी जोर दिया गया।
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