LIC का अदाणी ग्रुप में निवेश: संसद में सरकार ने खोले सारे राज
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के अदाणी समूह में निवेश को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि LIC ने मई 2025 में अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (APSEZ) द्वारा जारी 5,000 करोड़ रुपये के सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में निवेश किया है। यह निवेश LIC की अपनी ड्यू डिलिजेंस और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन करने के बाद किया गया है।
वित्त मंत्रालय या संबंधित विभाग (DFS) LIC को किसी भी निवेश संबंधी निर्देश या सलाह नहीं देता है। LIC अपने निवेश के निर्णय पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से लेती है, जो कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार होते हैं। सरकार ने यह भी बताया कि LIC के निवेश की जांच कई स्तरों पर की जाती है, जिसमें समवर्ती लेखा परीक्षक, वैधानिक लेखा परीक्षक, प्रणाली लेखा परीक्षक और आंतरिक सतर्कता दल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, IRDAI समय-समय पर निरीक्षण करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि LIC अपने नियमों के अनुसार कार्य कर रही है।
30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, अदाणी समूह में LIC का कुल निवेश 48,284.62 करोड़ रुपये है, जिसमें इक्विटी और ऋण दोनों शामिल हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि ACC और Ambuja का अधिग्रहण अदाणी समूह द्वारा 2022 में किया गया था, इसलिए इन कंपनियों में LIC का निवेश हाल के समय का है। सरकार के इस स्पष्टीकरण से LIC के निवेशों को लेकर चल रही अटकलों पर पूर्ण विराम लग गया है और यह साफ हो गया है कि LIC एक स्वायत्त संस्था के रूप में अपने वित्तीय निर्णय लेती है।
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