कांग्रेस की महारैली: भीड़ जुटाना जिलाध्यक्षों के लिए बड़ी चुनौती, 4 दिसंबर को अहम बैठक
कांग्रेस की आगामी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ महारैली, जो 14 दिसंबर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी, हरियाणा कांग्रेस के पदाधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है। इस रैली में देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और गठबंधन के नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन हरियाणा से अपेक्षित संख्या में भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी जिलाध्यक्षों पर आन पड़ी है।
सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रत्येक जिले के कांग्रेस अध्यक्षों को कम से कम एक हजार कार्यकर्ताओं को रैली में लाने का लक्ष्य सौंपा है। यह कार्य जिलाध्यक्षों के लिए आसान नहीं दिख रहा है, क्योंकि उन्हें कार्यकर्ताओं को संगठित करने और दिल्ली तक लाने के लिए काफी प्रयास करने पड़ रहे हैं। खासकर दक्षिण हरियाणा के जिलों के जिलाध्यक्षों पर यह जिम्मेदारी अधिक है।
इस चुनौती से निपटने और तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रदेश कांग्रेस की ओर से 4 दिसंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर स्थित कांग्रेस (ग्रामीण) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, संबंधित क्षेत्रों के सांसद, विधायक और आगामी चुनाव में उम्मीदवार भी इस बैठक में आमंत्रित किए गए हैं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दक्षिण हरियाणा के सात जिलों – गुरुग्राम, सोनीपत, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, फरीदाबाद और महेंद्रगढ़ – के जिलाध्यक्षों को दिए गए एक हजार कार्यकर्ताओं के लक्ष्य की समीक्षा करना है। जिन जिलों में ग्रामीण और शहरी विंग अलग-अलग हैं, वहां से दो हजार लोगों को लाने की अपेक्षा की गई है।
जानकारी के अनुसार, लक्ष्य मिलने के बाद से ही जिलाध्यक्ष अपनी तैयारियों में जुट गए हैं, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में कांग्रेस के प्रति निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जुटाना एक कठिन कार्य साबित हो रहा है। लंबे समय बाद संगठन को सक्रिय करने के प्रयासों के चलते, पुराने वफादार कार्यकर्ताओं को खोजना भी एक चुनौती है। कुछ लोगों का मानना है कि पूर्व में पार्टी में आंतरिक कलह और चेहरों की राजनीति के कारण कई निष्ठावान कांग्रेसी या तो राजनीति से दूर हो गए या फिर अन्य दलों में चले गए।
एक अन्य चिंता का विषय यह भी है कि दक्षिण हरियाणा से कांग्रेस के प्रमुख नेता कैप्टन अजय सिंह यादव और राव दान सिंह पहले की तरह सक्रिय नहीं दिख रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है। यह भी देखना अहम होगा कि क्या कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला इस बैठक में उपस्थित होते हैं, क्योंकि वे दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में हुई पिछली बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
बैठक के आयोजक, गुरुग्राम कांग्रेस (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष वर्धन यादव, ने विश्वास जताया है कि बैठक में सभी आमंत्रित नेता उपस्थित होंगे और तैयारियों की समीक्षा सकारात्मक दिशा में होगी। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन से रैली की तैयारियां और भी बेहतर होंगी।
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