लखनऊ में जमीन विवाद: किसान ने कोर्ट स्टे के बावजूद कब्जे का आरोप लगाया, GST अधिकारी के पिता पर आरोप
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक किसान ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। किसान आलोक चंद्रा ने मंगलवार को हजरतगंज में प्रेस वार्ता कर बताया कि उनकी जमीन पर एक निलंबित पूर्व लेखपाल की मदद से फर्जी रजिस्ट्री तैयार की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जीएसटी अधिकारी के पिता इस फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
आलोक चंद्रा ने बताया कि विवाद बढ़ने पर उन्होंने मोहनलालगंज सिविल जज (सीडी) न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने 7 दिसंबर, 2025 को आदेश जारी कर वादी के अध्यासन में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद, विपक्षी लगातार उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
किसान का आरोप है कि 26 जनवरी को जब वह अपनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करवाने पहुंचे, तो कई गाड़ियों में आए अराजकतत्वों ने उन्हें असलहा दिखाकर काम रुकवा दिया और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में इसकी शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। हालांकि, किसान का कहना है कि कोर्ट का स्टे होने के बावजूद उन्हें निर्माण कार्य नहीं करने दिया जा रहा है।
आलोक चंद्रा ने मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीएसटी अधिकारी के पिता अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं और फर्जी कागजातों के आधार पर उनकी करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
