केरल कांग्रेस के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से सियासी घमासान, पार्टी ने झाड़ा पल्ला | kerala congress cji controversy
केरल कांग्रेस की ओर से देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी पर भारी राजनीतिक बवाल मच गया है। इस घटनाक्रम ने न केवल विपक्षी गठबंधन के भीतर असहजता पैदा कर दी है, बल्कि सत्ता पक्ष को भी कांग्रेस पर हमलावर होने का पूरा मौका दे दिया है। न्यायपालिका जैसी संवेदनशील संस्था पर इस तरह के बयानों से देश की राजनीति में गर्माहट आ गई है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब केरल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक तीखा पोस्ट किया गया। इसमें चीफ जस्टिस से पद छोड़ने की मांग करते हुए लिखा गया था कि यदि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं संभाली जा सकती, तो इस्तीफा दे दिया जाए। इस पोस्ट के सामने आते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। हालांकि, चौतरफा घिरने के बाद पार्टी ने तुरंत हरकत में आते हुए पोस्ट को डिलीट कर दिया।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह पोस्ट नेतृत्व की जानकारी और सहमति के बिना किया गया था। अनधिकृत रूप से ऐसा कदम उठाने वाले व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी इस बयान से पूरी तरह किनारा करते हुए कहा कि पार्टी न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है और देश की अदालतों पर अटूट विश्वास है।
इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया है। केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रच रहा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस तरह के बयानों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे बयान न्याय प्रणाली की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। जनता के बीच इस तरह के घटनाक्रम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा और स्वतंत्रता पर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है।
