अलीगढ़ में Karni Sena का प्रदर्शन, युवा पदाधिकारी की गिरफ्तारी पर हंगामा
अलीगढ़ में करणी सेना ने अपने युवा पदाधिकारी की गिरफ्तारी के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने उनके युवा जिलाध्यक्ष सचिन राघव को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार किया और जमानत नहीं दी, जबकि वह महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में आपत्तिजनक बिक्री का विरोध कर रहे थे। यह घटना स्थानीय प्रशासन और एक सामाजिक संगठन के बीच तनाव को दर्शाती है।
करणी सेना के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ठा. ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंगलवार सुबह 10:30 बजे डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया। संगठन के अनुसार, 14 फरवरी की रात को पुलिस ने युवा जिलाध्यक्ष सचिन राघव और दो अन्य पदाधिकारियों को खेरेश्वर मंदिर से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि सचिन राघव ने मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के महापर्व के दौरान एक समुदाय विशेष के युवक द्वारा महिलाओं के अंतर्वस्त्र बेचे जाने का विरोध किया था।
इस विरोध के बाद पुलिस ने पदाधिकारियों को ही पकड़ लिया और धारा 151 के तहत चालान कर दिया, लेकिन उनकी जमानत नहीं दी गई। एसीएम और एसडीएम से बातचीत के बावजूद रिहाई न होने पर करणी सेना ने यह धरना प्रदर्शन किया। शाम करीब 6 बजे सीओ सिविल लाइन और बन्ना देवी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवा जिलाध्यक्ष को बुधवार को रिहा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया। इस घटना से शहर में कानून व्यवस्था और सामाजिक संगठनों के बीच संबंधों पर सवाल उठ रहे हैं।
