Kanpur Dehat News: आलीशान भवन, फिर भी डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान
कानपुर देहात जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसके चलते मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिले में 29 पीएचसी और 11 सीएचसी संचालित हैं, लेकिन मानक के अनुसार 154 डॉक्टरों की आवश्यकता के मुकाबले केवल 86 डॉक्टर ही तैनात हैं।
विशेषज्ञों की कमी के कारण स्वास्थ्य केंद्र रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं। जिले में हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ और सर्जन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। केवल दो नेत्र सर्जन, दो एनस्थेटिक्स और पांच गायनकोलॉजिस्ट विशेषज्ञ ही उपलब्ध हैं। इस कमी के कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर रहना पड़ता है।
अल्ट्रासाउंड मशीनें बनीं शोपीस
डेरापुर और रसूलाबाद सीएचसी में पिछले साल अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाई गई थीं, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण इनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। नतीजतन, ये मशीनें स्वास्थ्य केंद्रों में महज शोपीस बनकर रह गई हैं। इसी तरह, सभी सीएचसी में उपलब्ध डिजिटल एक्स-रे मशीनों का भी बेहतर उपयोग नहीं हो पा रहा है। मरीजों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज या निजी सेंटरों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
करोड़ों की लागत से बना भवन, फिर भी विशेषज्ञ नहीं
सीएचसी रूरा का करोड़ों की लागत से नया और आलीशान भवन बना है। यह केंद्र मैथा, डेरापुर, अकबरपुर और रसूलाबाद तहसीलों के बीच स्थित है और रेल दुर्घटनाओं के कारण संवेदनशील माना जाता है। हालांकि, यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। डॉक्टरों की कमी के कारण यह महत्वपूर्ण सीएचसी भी केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है।
सीएमओ ने मानी कमी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एके सिंह ने स्वीकार किया कि जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों की काफी कमी है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध डॉक्टरों के सहारे उपचार की व्यवस्था संचालित की जा रही है और गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। उन्होंने जल्द ही अल्ट्रासाउंड मशीनों को संचालित कराने का प्रयास करने की बात कही।
