कानपुर देहात: पूर्व एमएलसी के दो भाइयों की अग्रिम जमानत खारिज, जमीन हड़पने का मामला
कानपुर देहात की एडीजे कोर्ट संख्या 5 ने सपा के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के दो भाइयों, महंत ललित पाठक और देवेंद्र पाठक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने का आरोप है। यह फैसला संपत्ति विवादों में न्याय की प्रक्रिया को दर्शाता है और आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि कानून के दायरे में ऐसे मामलों का समाधान किया जाएगा।
मामले की पृष्ठभूमि में, रसूलाबाद थाना क्षेत्र के जोत गांव के रहने वाले अवधेश कुमार ने एक जुलाई को पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और उनके भाइयों संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक व देवेंद्र पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि उन्होंने गोवर्धन चौबे के नाम की वसीयत का दुरुपयोग कर और फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन अपने नाम करा ली। गोवर्धन चौबे, अवधेश कुमार के पिता राम शंकर के मामा थे और उन्होंने अपनी संपत्ति राम शंकर के नाम वसीयत कर दी थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूर्व एमएलसी और उनके भाइयों ने पत्रावली से अभिलेख गायब करा दिए थे, जिससे उस समय कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। वर्तमान में, पूर्व एमएलसी और उनके दो भाई गैंगस्टर मामले में जेल में निरुद्ध हैं। इस मामले में आरोपित महंत ललित पाठक और देवेंद्र पाठक ने अग्रिम जमानत के लिए एडीजे कोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी।
