कॉल डिटेल्स ने खोला अनिल की हत्या का राज, झाड़ियों में मिला था कंकाल
गाजियाबाद के मोदीनगर में एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है। हापुड़ रोड पर बंद पड़ी मोदीपोन फैक्ट्री परिसर में 12 नवंबर से लापता एक फैक्ट्री कामगार अनिल कुमार (38) का कंकाल रविवार को झाड़ियों में मिला। कंकाल के पास मिले कपड़ों से परिजनों ने उसकी पहचान की। पुलिस ने इस मामले में संदेह के आधार पर कामगार के एक साथी को हिरासत में लिया है, जिसकी निशानदेही पर शव बरामद हुआ।
सूत्रों के अनुसार, अनिल कुमार गदाना गांव में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे। 12 नवंबर की सुबह वह काम पर जाने के लिए निकले थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 13 नवंबर को अनिल के भाई राजू ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर अनिल की तलाश में जुटी थी। इस दौरान, पुलिस को कुछ मुखबिरों से सूचना मिली, जिसके आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान संदिग्ध ने जो जानकारी दी, उसके आधार पर पुलिस ने सोमवार को मोदीपोन फैक्ट्री परिसर में छानबीन की। फैक्ट्री परिसर में झाड़ियों के बीच अनिल का कंकाल मिला। कंकाल की खोपड़ी और पसलियों सहित विभिन्न अंगों की हड्डियां मौके से बरामद हुईं।
पुलिस ने मौके पर अनिल के परिजनों को बुलाया, जिन्होंने कंकाल के पास पड़े कपड़ों से उसकी पहचान की। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अनिल की हत्या कर शव को यहां ठिकाने लगाया गया था। फोरेnsic टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस मामले की विभिन्न कोणों से जांच कर रही है और शव की डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शन कर जल्द खुलासे की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी ने अनिल का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था। इसी मोबाइल से उसने अपने एक रिश्तेदार को कॉल किया था। पुलिस ने अनिल के मोबाइल की एक महीने की कॉल डिटेल्स खंगाली, जिसमें 13 नवंबर के बाद भी कॉल दर्ज थी। इससे पुलिस को शक हुआ और रिश्तेदार के नंबर की जांच की गई, जिसके तार आरोपी तक पहुंचे।
मोदीनगर के एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में गंभीरता से छानबीन की जा रही है और सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
