एकीकृत कमान में तीनों सेनाओं की सर्वोत्तम प्रथाएं शामिल होंगी: सीडीएस
नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों के एकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कहा है कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक सेना अपनी व्यक्तिगत पहचान बनाए रखेगी, लेकिन एकीकृत कमान की स्थापना में उनकी सर्वोत्तम प्रथाओं को अवश्य शामिल किया जाएगा। यह बयान सशस्त्र बलों के भविष्य की संरचना और संचालन पर सरकार के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है।
जनरल चौहान ने हाल ही में संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि इस ऑपरेशन में थलसेना, नौसेना और वायुसेना ने अभूतपूर्व एकजुटता का प्रदर्शन किया। उन्होंने रक्षा थिंक-टैंक यूएसआइ (यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन) द्वारा आयोजित दो दिवसीय भारतीय सैन्य विरासत उत्सव में भाग लिया, जहाँ उन्होंने अपनी नई पुस्तक ‘रेडी, रेलेवेंट एंड रिसर्जेंट 2: शेपिंग ए फ्यूचर रेडी फोर्स’ पर केंद्रित संवाद में यह बातें कहीं। उन्होंने संकेत दिया कि पुस्तक के तीसरे खंड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे अभियानों का विस्तृत विवरण शामिल किया जाएगा।
तीनों सेनाओं में एकता लाने के सरकार के दृष्टिकोण के बारे में पूछे जाने पर, जनरल चौहान ने कहा कि एकीकरण के प्रयास जारी हैं, लेकिन प्रत्येक सेवा की अपनी विशिष्ट भूमिका और पहचान बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “हम प्रत्येक सेना से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं।” इसका उद्देश्य विभिन्न सेवाओं की शक्तियों का लाभ उठाना और एक सुसंगत, प्रभावी रक्षा ढाँचा तैयार करना है।
सीडीएस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी सीमा पर साजो-सामान की हवाई आवाजाही का एक उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल से सात मई तक चले इस ऑपरेशन के दौरान, आवश्यक सामग्री को पश्चिमी सीमा पर ले जाने के लिए हवाई मार्ग से व्यापक लॉजिस्टिक्स समर्थन की आवश्यकता थी। यह कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, और आश्चर्यजनक रूप से, यह सब वन-स्टार अधिकारी स्तर पर ही प्रबंधित किया गया, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी नहीं थी। यह घटना एकीकृत कमान के तहत परिचालन दक्षता और जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता को दर्शाती है।
सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि एकीकरण का अर्थ विलय नहीं, बल्कि तालमेल और सर्वोत्तम प्रथाओं का समावेश है, जिससे भारतीय सेनाएं भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक सुसज्जित हो सकें।
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