झारखंड में ग्रामीण पेयजल की प्यास बुझेगी: 183 करोड़ की 9 नई योजनाओं को मंजूरी
झारखंड सरकार ने ग्रामीण आबादी के लिए पेयजल की उपलब्धता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के पेयजल स्वच्छता विभाग ने 183 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली नौ नई पेयजलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की गंभीर समस्या का समाधान करना है, जिससे लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल सके और उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आए।
सूत्रों के अनुसार, स्वीकृत योजनाओं में 61.66 करोड़ रुपये की लागत से आरकोसा बहु ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना, तपकारा और ठेठाइटांगर में क्रमशः 14 और 16 करोड़ रुपये की लागत से नई जलापूर्ति योजनाएं, तथा चंदवारा बहु ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। इन नौ योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक सीधे उनके घरों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
यह महत्वपूर्ण है कि राज्य सरकार इन सभी परियोजनाओं को अपने स्वयं के संसाधनों से पूरा करेगी। वर्तमान में, केंद्र सरकार के सहयोग से जल शक्ति मंत्रालय के माध्यम से ‘हर घर नल’ योजना भी चलाई जा रही है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार 50-50 प्रतिशत का योगदान देती हैं। हालांकि, इन केंद्रीय योजनाओं की प्रगति कुछ धीमी देखी गई है। इसी पृष्ठभूमि में, राज्य सरकार अपनी नई योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण पेयजल आपूर्ति को गति देने का प्रयास कर रही है।
राज्य सरकार की यह पहल शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इन नई योजनाओं से राज्य के पांच लाख से अधिक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की उम्मीद है। इस कदम से न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि जल जनित बीमारियों में भी कमी आने की संभावना है, जो ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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