बाबूलाल मरांडी ने NIA को लिखी चिट्ठी, पूर्व DGP और गैंगस्टर के गठजोड़ की जांच की मांग
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के महानिदेशक को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच कथित गठजोड़ की गहन जांच की मांग की है। मरांडी ने आरोप लगाया है कि यह सिंडिकेट ‘कोयलांचल शांति समिति’ नामक एक मुखौटा संगठन के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
अपने पत्र में, बाबूलाल मरांडी ने विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता और गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के नेतृत्व वाला यह संगठित आपराधिक सिंडिकेट लंबे समय से हत्या, ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों, वकीलों और अन्य व्यवसायियों से जबरन वसूली, तथा अवैध हथियारों के व्यापार जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त रहा है। उन्होंने एनआईए को यह भी सूचित किया कि सुजीत सिन्हा गिरोह पंजाब के मोगा जिले में ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से तस्करी कर लाए गए हथियारों की खरीद कर रहा था, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
हाल ही में रांची पुलिस द्वारा गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा की गैरकानूनी गतिविधियों के तहत की गई गिरफ्तारी के बाद मामले में नया मोड़ आया है। रिया सिन्हा के मोबाइल फोन से प्राप्त डेटा से पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के साथ उसके और सुजीत सिन्हा गिरोह के संदिग्ध संबंधों का खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई है कि सुजीत सिन्हा गिरोह वास्तव में अनुराग गुप्ता के इशारे पर ही संचालित हो रहा था और उसे जबरन वसूली से प्राप्त राशि का एक निश्चित हिस्सा भी दिया जाता था।
मरांडी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गैंगस्टर अमन साहू के साथ मुठभेड़ को समाप्त करने और सुजीत सिन्हा गिरोह के आपराधिक एकाधिकार को मजबूत करने की रणनीति भी अनुराग गुप्ता के कहने पर ही तैयार की गई थी। इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, बाबूलाल मरांडी ने एनआईए से आग्रह किया है कि वह अनुराग गुप्ता और सुजीत सिन्हा के इस पूरे गठजोड़ की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करे ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और अपराधियों को उनके किए की सजा मिले।
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