कानपुर नगर निगम कर्मचारियों की समस्या पर एमएलसी से मिले संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के सदस्य, आउटसोर्सिंग पर चर्चा
कानपुर में संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति, नगर निगम जलकल के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी निर्मल से मुलाकात कर निगम कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। समिति के नेताओं ने एमएलसी को अवगत कराया कि नगर आयुक्त ने लगभग 6000 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों सहित अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। इसका सीधा अर्थ है कि इन कर्मचारियों को अब किसी निजी कंपनी के अधीन काम नहीं करना पड़ेगा।
यह मुद्दा कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि डॉ. निर्मल ने स्वयं इस निजीकरण प्रकरण को विधान परिषद में उठाया था, जिससे कर्मचारियों के आंदोलन को एक नई दिशा मिली थी। इसी का परिणाम है कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन की घोषणा की और इसके लिए बजट भी आवंटित कर दिया है। इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो चुका है, जिसे तत्काल लागू किया जाना आवश्यक है। कर्मचारियों का कहना है कि मात्र 10 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी में उनके परिवारों का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है।
डॉ. निर्मल ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया कि वह इस गंभीर मसले पर शीघ्र ही मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस मुलाकात के दौरान जयपाल सिंह, रमाकांत मिश्र, हरिओम वाल्मीकि, कमरुद्दीन, मुन्ना हजारिया, उस्मान अली शाह, धीरज गुप्ता, मुकेश वाल्मीकि, विनोद रावत, अजीत बाघमार, राकेश परिहार, सुधाकर मिश्र, नीलू निगम, रामगोपाल चौधरी, रमेश अंबेडकर सहित कई अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
