JBVNL पर 25 हजार का जुर्माना, JSERC ने नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व पर कसे शिकंजे
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग (JSERC) ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) को एक बड़ा झटका देते हुए उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई नवीकरणीय ऊर्जा खरीद दायित्व (आरपीओ) का पालन न करने के कारण की गई है। आयोग ने JBVNL को छह महीने के भीतर बकाया आरपीओ का शत-प्रतिशत अनुपालन करने का सख्त निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति नवनीत कुमार (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरपीओ किसी भी लाइसेंसधारी के लिए एक अनिवार्य वैधानिक दायित्व है। आयोग ने कहा कि वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देकर इस दायित्व से बचा नहीं जा सकता। आयोग ने इसे भारतीय कानून और राष्ट्रीय नीति, दोनों का उल्लंघन करार दिया है।
आयोग ने आगे यह भी निर्देश दिया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और उसके बाद प्रत्येक वर्ष JBVNL को 100 प्रतिशत आरपीओ अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। यदि यह अनुपालन नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, JBVNL के कार्यकारी निदेशक (वाणिज्यिक एवं राजस्व) को आदेश के 30 दिनों के भीतर एक ठोस आरपीओ अनुपालन योजना के साथ आयोग में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। इस आदेश के बाद, आयोग ने इस संबंध में दायर की गई याचिका का निपटारा कर दिया है।
यह निर्णय झारखंड में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में भी सहायक होगा। ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस तरह के कड़े कदम से वितरण निगमों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक गंभीर होने के लिए प्रेरित किया जा सकेगा।
