जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में हिंदू मजदूरों पर आतंकी हमला, 2 की मौत, TRF पर शक
दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार रात आतंकवादियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे दो हिंदू मजदूरों की नाम पूछकर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने क्षेत्र में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे, जो बेहतर जीवन की तलाश में जम्मू-कश्मीर आए थे।
हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मारे गए युवकों की पहचान दीपक रात्रे और भूपेंद्र के रूप में हुई है। यह हमला स्थानीय लोगों के लिए भी चिंता का विषय है, जिन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और दहशत में आ गए।
आतंकवादी हमले के बाद, घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सुरक्षा बल आतंकवादियों की तलाश में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। प्रारंभिक जांच में लश्कर-ए-तैयबा की सहयोगी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के शामिल होने का संदेह है, जो पहले भी गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाता रहा है। एक आतंकी के पाकिस्तानी होने की भी आशंका जताई जा रही है।
इस घटना का गहरा प्रभाव प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है, जो अपनी आजीविका के लिए विभिन्न राज्यों से जम्मू-कश्मीर आते हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में मजदूर यहां निर्माण, ईंट-भट्ठों और कृषि जैसे कामों के लिए आते हैं। ऐसे हमले उनकी सुरक्षा और यहां काम करने की इच्छा पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। इस तरह के हमले कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति स्थापित करने के प्रयासों को बाधित करते हैं।
