जमशेदपुर होटल सील मामला: अदालत ने पुलिस की कार्रवाई पर जताई नाराजगी, तुरंत खोलने का आदेश
झारखंड हाई कोर्ट ने जमशेदपुर स्थित अतिथि होटल के तीन कमरों को सील करने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई है। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए होटल के तीनों सील किए गए कमरों को तत्काल खोलने का आदेश दिया है। अदालत ने इस कार्रवाई को अनुचित करार दिया, हालांकि जांच जारी रखने की अनुमति बरकरार रखी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और सीतारामडेरा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान, जब ये अधिकारी अदालत में पेश हुए, तो उनसे तीखे लहजे में पूछा गया कि आखिर किस आधार पर और क्यों होटल के कमरों को इतने लंबे समय से सील रखा गया है। पुलिस अधिकारियों को इस कार्रवाई का औचित्य साबित करने में कठिनाई हुई।
अदालत ने स्पष्ट किया कि हालांकि जांच प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन इस तरह से होटलों के कमरों को अनिश्चित काल के लिए सील करना न्यायसंगत नहीं है। यह आदेश होटल व्यवसायियों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है कि कानून की प्रक्रिया का पालन उचित तरीके से होना चाहिए और मनमानी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, यह मामला होटल से जुड़े किसी आपराधिक घटना के बाद जांच के क्रम में सामने आया था, जिसके चलते पुलिस ने कमरों को सील करने का कदम उठाया था।
इस मामले में अदालत का हस्तक्षेप पुलिस की शक्तियों के दुरुपयोग पर एक अंकुश के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने यह भी कहा कि यदि पुलिस को किसी कमरे की तलाशी या जांच की आवश्यकता है, तो वे उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऐसा कर सकते हैं, लेकिन उसे अनिश्चित काल के लिए सील रखना नियमों के विरुद्ध है। अदालत के इस निर्देश से होटल प्रबंधन को बड़ी राहत मिली है।
