जम्मू-कश्मीर में नशाखोरी पर अंकुश: 20,617 दवा दुकानों पर CCTV, 35 लाइसेंस रद्द
जम्मू-कश्मीर में नशे के बढ़ते खतरे पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की सभी 20,617 दवा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। ड्रग व फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन के अनुसार, यह कदम नशीली दवाओं के अवैध व्यापार को रोकने और नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस अभियान को और कड़ा किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, जम्मू संभाग में कुल 8653 दवा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें जम्मू जिले में सर्वाधिक 3367 दुकानें शामिल हैं। वहीं, कश्मीर संभाग में 11964 दुकानों पर निगरानी कैमरे लगाए गए हैं। श्रीनगर जिले में 2705 और अनंतनाग जिले में 2769 दुकानों पर ये कैमरे लगे हैं। यह प्रक्रिया पिछले एक वर्ष से अधिक समय से चल रही थी, और मुख्य सचिव के निर्देश के बाद लगभग सभी दुकानों में कैमरे लग गए हैं।
दवा दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी भी नशीली दवा को न बेचें। विभाग की टीमें नियमित रूप से इन दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं और सभी बिक्री का रिकॉर्ड कंप्यूटर में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहकों को केवल कंप्यूटरीकृत बिल ही दिए जा रहे हैं।
अधिकारियों का दावा है कि सीसीटीवी कैमरों की स्थापना से नशे को बढ़ावा देने वाली दवाओं की बिक्री में कमी आई है। यदि किसी भी दुकान से ऐसी शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है। इसी क्रम में, ड्रग और फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन ने एक विशेष अभियान चलाकर अब तक 35 दवा दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इनमें श्रीनगर जिले की 14 दुकानें सबसे अधिक हैं, जबकि अनंतनाग में छह, राजौरी में पांच, जम्मू में एक और बडगाम में एक दुकान के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी नियमों का उल्लंघन करने वाली दुकानों पर कार्रवाई की गई है।
