जम्मू के किसान परेशान: फसल बीमा प्रीमियम जमा, पर मुआवजे का इंतजार लंबा
जम्मू के आरएसपुरा उपजिले में किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी धान की फसल के लिए प्रीमियम जमा कराने के बावजूद, कुछ महीने पहले आई बाढ़ से हुए भारी नुकसान का मुआवजा अब तक किसानों को नहीं मिल पाया है। इस देरी के कारण किसानों में गहरी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर बीमा करवाया और प्रीमियम भी जमा किया, इस उम्मीद में कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई हो सकेगी। लेकिन, नई फसल की बुवाई और तैयारी के इस महत्वपूर्ण समय पर भी बीमा कंपनियों और कृषि विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसान लगातार बीमा कंपनियों और कृषि विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, और न ही कोई संतोषजनक आश्वासन मिल पा रहा है।
स्थानीय किसानों ने बताया कि बाढ़ के कारण उनकी खड़ी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। गांव घराना के किसान मित्तल चौधरी ने बताया कि उन्होंने बीमा कंपनी के अधिकारियों से कई बार फोन पर संपर्क किया और नुकसान की तस्वीरें व अन्य जरूरी जानकारी भी दी। इसके बावजूद, आज तक किसी भी अधिकारी ने मौके पर आकर नुकसान का जायजा लेना उचित नहीं समझा। किसान विजय कुमार ने भी अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उन्होंने बार-बार कंपनी से शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासन मिले हैं और कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि अगर समय पर मुआवजा नहीं मिला तो अगली फसल की तैयारी करना भी उनके लिए मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि पिछली फसल का नुकसान अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
किसान संगठनों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि फसल बीमा योजना का मूल उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्रदान करना है। लेकिन जब इसी योजना के तहत समय पर मुआवजा नहीं मिलता, तो किसानों का इस योजना पर से विश्वास उठने लगता है।
जब इस मामले पर फसल बीमा योजना के जिला नोडल अधिकारी विनोद खजुरिया से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि जिन किसानों को भी मुआवजे से संबंधित समस्या आ रही है, वे अपनी शिकायत सीधे उनके कार्यालय में दर्ज कराएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और संबंधित बीमा कंपनियों को भी लंबित दावों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
