जीवन बीमा प्रीमियम में 12% की उछाल, GST कटौती का दिखा सीधा लाभ
भारतीय जीवन बीमा क्षेत्र ने अक्टूबर माह में नए प्रीमियम संग्रह में शानदार वृद्धि दर्ज की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में देश की जीवन बीमा कंपनियों का कुल नया प्रीमियम 12.1 प्रतिशत बढ़कर 34,007 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह प्रभावशाली उछाल मुख्य रूप से व्यक्तिगत बीमा खंड के मजबूत प्रदर्शन और हाल ही में लागू की गई जीएसटी दरों में कटौती के कारण संभव हो पाया है, जिसने उपभोक्ताओं को बीमा उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया है।
यह लगातार दूसरा महीना है जब जीवन बीमा उद्योग ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है, जो अगस्त माह में दर्ज 5.2 प्रतिशत की गिरावट के बाद एक महत्वपूर्ण सुधार दर्शाता है। इस वृद्धि में व्यक्तिगत जीवन बीमा उत्पादों की बिक्री ने प्रमुख भूमिका निभाई है। सरकार ने 22 सितंबर 2024 से व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया था। इस नीतिगत बदलाव ने प्रीमियम लागत को कम करके उपभोक्ताओं के लिए बीमा को अधिक सुलभ और आकर्षक बना दिया, जिससे बिक्री की गति बनाए रखने में मदद मिली।
इस व्यापक वृद्धि में सभी खंडों का योगदान रहा है। सरकारी स्वामित्व वाली भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति को सफलतापूर्वक बनाए रखा है, जबकि निजी क्षेत्र की बीमा कंपनियों ने भी दो अंकों की प्रभावशाली वृद्धि हासिल की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी में कटौती ने न केवल तत्काल बिक्री को बढ़ावा दिया है, बल्कि इसने बीमा उत्पादों की मांग को भी स्थायी रूप से बढ़ाने में मदद की है। एक वित्तीय विश्लेषक के अनुसार, “जीएसटी छूट ने उपभोक्ताओं के लिए बीमा को अधिक किफायती बना दिया है, जिससे यह वित्तीय नियोजन का एक अनिवार्य हिस्सा बन रहा है।”
यह सकारात्मक रुझान दर्शाता है कि भारतीय नागरिक अब अपनी वित्तीय सुरक्षा और भविष्य के लिए बीमा के महत्व को अधिक गंभीरता से ले रहे हैं। सरकार द्वारा कर प्रोत्साहन और नियामक निकायों द्वारा उठाए गए कदमों से बीमा पैठ को और बढ़ाने में मदद मिल रही है, जिससे देश के समग्र वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूती मिल रही है। आने वाले समय में भी यह क्षेत्र अपनी वृद्धि की गति बनाए रखने की उम्मीद है, खासकर तब जब लोग बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षा कवच की तलाश में हैं।
