जबलपुर में सामाजिक सम्मेलन में हंगामा, हिंदू विरोधी साहित्य बांटने का आरोप
जबलपुर के मानस भवन में रविवार को आयोजित सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक जन चेतना सम्मेलन के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई जब कुछ युवक कार्यक्रम स्थल में घुस गए और वहां हिंदू विरोधी साहित्य बेचे जाने का आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन युवकों ने कार्यक्रम स्थल पर लगे किताबों के स्टालों पर हंगामा करना शुरू कर दिया और किताबों को फेंकने लगे।
इस दौरान, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने युवकों को घेर लिया और उनकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ से युवकों को छुड़ाकर मदन महल थाने ले गई।
घटना के बाद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मदन महल थाने पहुंचे और उन्होंने थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। हिंदूवादी संगठनों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर बेची जा रही किताबों में हिंदू देवी-देवताओं के विरुद्ध आपत्तिजनक सामग्री थी और उनका अपमान किया जा रहा था। उन्होंने मांग की कि मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
दूसरी ओर, कुशवाहा जनजागृति एवं विकास समिति और सम्राट अशोक क्रांति सेना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा थे। जबलपुर पूर्व विधायक लखन घनघोरिया भी विवाद के दौरान वहां पहुंचे। उन्होंने हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर कार्यक्रम में जबरन घुसकर हंगामा करने और संविधान की किताबों को फाड़ने का आरोप लगाया।
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें सुनने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस अराजक स्थिति को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने शहर में सांप्रदायिक तनाव को भी बढ़ा दिया है।
