यूपी में बिजनेस शुरू करना होगा आसान, ‘Ease of Doing Business’ के लिए योगी सरकार ला रही नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में अब नया कारोबार शुरू करना बेहद सरल होने वाला है। योगी सरकार जल्द ही एक ऐसी व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत उद्यमियों को लंबी कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। यह कदम राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, जिससे रोजगार सृजन में तेजी आएगी। इस नई नीति को ‘व्यापार करने का अधिकार अधिनियम’ के तहत लाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में ‘Ease of Doing Business’ को मजबूत करना है।
प्रस्तावित व्यवस्था में, किसी भी नई इकाई को शुरू करने के लिए अब दर्जनों विभागों से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, उद्यमी को केवल एक हलफनामा और स्व-प्रमाण पत्र देना होगा। इस हलफनामे में उद्यमी यह शपथ लेगा कि वह सभी सुरक्षा, पर्यावरण और श्रम नियमों का पालन करेगा। इसके आधार पर, सरकार उसे तुरंत कारोबार शुरू करने की अस्थायी मंजूरी दे देगी। इस नीति का सिद्धांत ‘पहले काम, बाद में जांच’ पर आधारित है।
यह कदम पुराने ‘लाइसेंस-परमिट राज’ पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। छोटे कारोबारी, जो पहले महंगे सलाहकारों पर निर्भर रहते थे, अब कुछ ही दिनों में अपना काम शुरू कर सकेंगे। इससे पूंजी की बचत होगी और समय पर काम शुरू हो सकेगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि बाद में जोखिम आधारित निरीक्षण किए जाएंगे। यदि कोई उद्यमी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है या उसने गलत जानकारी दी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था ईमानदार उद्यमियों को प्रोत्साहित करेगी और नियम तोड़ने वालों पर नकेल कसेगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को कम करने में भी सहायक होगी। जब शुरुआती मंजूरी के लिए अधिकारी के विवेक की भूमिका कम होगी, तो अवैध वसूली की शिकायतें भी घटेंगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष ने बताया कि ‘Ease of Doing Business’ रैंकिंग में यूपी को देश में नंबर वन रैंक मिली है। यह नई व्यवस्था दूसरे चरण के सुधारों का हिस्सा है, जिसे अगले दो महीनों में लागू करने की तैयारी है।
