इसबगोल का बादशाह भारत, अमेरिका है सबसे बड़ा खरीदार; जानिए कितनी है कमाई और क्यों बढ़ी डिमांड
भारत दुनिया में इसबगोल (साइलियम भूसी) का सबसे बड़ा प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है। वहीं भारतीय इसबगोल का सबसे बड़ा आयातक देश अमेरिका है, जो भारत के एक्सपोर्ट का लगभग 70% आयात करता है। अमेरिका में इसकी डिमांड पाचन और दिल की सेहत के लिए फाइबर सप्लीमेंट्स में बढ़ती दिलचस्पी की वजह से बढ़ रही है।
पारंपरिक रूप से एक नेचुरल इलाज के तौर पर इस्तेमाल होने के बावजूद, इसबगोल को अब फ्लेवर्ड प्री-मिक्स जैसे नए प्रोडक्ट्स में शामिल किया जाता है और यह US में कई पॉपुलर कमर्शियल लैक्सेटिव्स में एक मुख्य इंग्रीडिएंट है। इस समय भारत में इसबगोल की 90% प्रोसेसिंग गुजरात में होती है। US में इसकी इतनी ज्यादा डिमांड इसलिए है क्योंकि फाइबर सप्लीमेंट्स पेट की सेहत के लिए नया तरीका हैं। दुनिया के कुल इसबगोल उत्पादन का 80% प्रोडक्शन भारत में होता है। भारत अभी एक साल में दुनिया को लगभग 400 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़ रुपये) का इसबगोल एक्सपोर्ट करता है।
भारत जितने इसबगोल का निर्यात करता है, उसमें से अमेरिका 70% आयात करता है। इसके बाद जर्मनी, इटली और यूके का नंबर आता है, जो भारत से इसबगोल मंगाते हैं। इस निर्यात से भारत को अच्छा रेवेन्यू मिलता है। इसबगोल एक मुख्य फसल है, जिसकी खेती खास तौर पर गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में की जाती है।
इसबगोल कई US-बेस्ड कमर्शियल लैक्सेटिव्स, जैसे मेटाम्यूसिल और फाइबरॉल में एक मुख्य इंग्रीडिएंट है। इस वजह से भी इसकी डिमांड वहां अधिक है। बता दें कि US मार्केट में नए प्रोडक्ट फॉर्मेट भी आ रहे हैं, जैसे कि फ्लेवर्ड ड्रिंक प्री-मिक्स जिसमें फंक्शनल इंग्रीडिएंट्स मिलाए गए हैं, जिनकी कीमत अच्छी है।
