दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण बना चिंता का विषय, ग्रेप-1 लागू | delhi pollution
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ठहरने लगे हैं, जिससे वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को इस जहरीली हवा से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए एनसीआर में जी-रैप का पहला चरण प्रभावी कर दिया है। इसके तहत दिल्ली सहित हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक सख्ती के चलते आम जनजीवन पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है, क्योंकि लगातार खराब होती हवा का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
लागू किए गए नए नियमों के अनुसार होटलों, ढाबों और रेस्तरां में तंदूर के लिए कोयला या लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटर के प्रयोग पर रोक रहेगी। सड़कों पर वाहनों के प्रदूषण प्रमाण पत्र की जांच तेज कर दी गई है और निर्माण स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव अनिवार्य किया गया है।
