लखनऊ में शराब कारोबारी के बेटे ने पिता की गोली मारकर की हत्या, शव के किए टुकड़े; Lucknow crime news
लखनऊ में एक शराब कारोबारी के बेटे ने अपने पिता की निर्मम हत्या कर दी और फिर शव के टुकड़े कर दिए। यह दिल दहला देने वाली घटना राजधानी के आशियाना सेक्टर एल में सामने आई है, जिसने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने आरोपी बेटे अक्षय प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया है और मामले की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिता द्वारा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दबाव के चलते यह वारदात हुई।
मृतक मानवेंद्र सिंह (45) मूल रूप से जालौन के उदयपुरा निवासी थे और आशियाना में तीन मंजिला मकान में परिवार के साथ रहते थे। उनकी आशियाना और कानपुर रोड पर शराब की दुकानें थीं, साथ ही सालेहनगर और बुद्धेश्वर में पैथोलॉजी सेंटर भी थे। उनकी पत्नी का निधन 2017 में हो गया था। घर में वह अपने बेटे अक्षय (बीकॉम छात्र) और बेटी कृति (11वीं की छात्रा) के साथ रहते थे। ग्राउंड फ्लोर मेहमानों के लिए था, जबकि पहली मंजिल पर उनके छोटे भाई, पुलिस इंस्पेक्टर एसएस राजावत रहते थे, जो घटना के समय गांव गए हुए थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अक्षय प्रताप सिंह ने 20 फरवरी की रात अपनी लाइसेंसी रायफल से पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने शव को टुकड़ों में काट दिया। उसने पिता के हाथ-पैर अलग कर दिए और धड़ को घर में रखे एक ड्रम में छिपा दिया। छोटी बहन कृति को भी उसने किसी को कुछ न बताने की धमकी दी थी।
सोमवार सुबह करीब 7 बजे अक्षय प्रताप खुद आशियाना कोतवाली पहुंचा और पिता के गुमशुदगी की तहरीर दी, जिसमें उसने बताया कि पिता 20 फरवरी को दिल्ली जाने के लिए निकले थे और वापस नहीं लौटे। हालांकि, थाने से लौटने के बाद अक्षय ने अपने पिता के मित्र सोनू गुप्ता को बताया कि पिता ने आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की और सोनू गुप्ता व पड़ोसियों से पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आई। घर की तलाशी के दौरान तीसरी मंजिल पर एक ड्रम में शव का ऊपरी हिस्सा मिला, जबकि हाथ-पैर गायब थे। घर से 20 लीटर का एसिड गैलन भी बरामद हुआ, जिससे पुलिस का मानना है कि आरोपी शव को जलाने की फिराक में था।
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर सिंह ने बताया कि पूछताछ में अक्षय ने स्वीकार किया है कि पिता मानवेंद्र सिंह उस पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का दबाव बनाते थे। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ और उसने गोली चला दी। पुलिस अब मानवेंद्र के छोटे भाई इंस्पेक्टर एसएस राजावत और उनके पिता रिटायर्ड इंस्पेक्टर एसपी सिंह से भी पूछताछ करेगी, जो घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे हैं। इस जघन्य अपराध ने समाज में बढ़ती पारिवारिक कलह और उसके भयावह परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
