2005 में पुतिन ने बुश को दी थी चेतावनी: पाकिस्तान ने चोरी से ईरान को दिया यूरेनियम, ‘Pakistan nuclear program’ पर थी चर्चा
नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव द्वारा जारी किए गए रिकॉर्ड के अनुसार, 2005 में व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को बताया था कि पाकिस्तान ने चोरी से ईरान को यूरेनियम दिया है। पुतिन ने कहा कि ईरानी सेंट्रीफ्यूज में पाया गया यूरेनियम पाकिस्तान से जुड़ा था। यह जानकारी इस्लामाबाद के परमाणु प्रतिष्ठान और अवैध नेटवर्क के बीच लंबे समय से चल रहे संदिग्ध संबंधों की पुष्टि करती है।
यह जानकारी पाकर बुश सन्न रह गए थे और इसे चिंताजनक उल्लंघन बताया था। बुश ने कहा कि इससे अमेरिका में घबराहट है। पुतिन ने पलटकर कहा, “हमारे बारे में भी सोचिए,” यह संकेत देते हुए कि ऐसे लीक रूस की सुरक्षा के लिए भी सीधा खतरा हैं। बातचीत में बुश ने स्वीकार किया कि उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के सामने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि ए.क्यू. खान नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया, जिसके चलते खान और उनके सहयोगियों को जेल या नजरबंद किया गया।
हालांकि, पुतिन ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान पर उतना अंतरराष्ट्रीय दबाव क्यों नहीं डाला गया जितना ईरान या उत्तर कोरिया पर। उन्होंने पाकिस्तान को “परमाणु हथियारों वाली एक जुंटा” तक कह दिया, जिससे पश्चिमी देशों के रवैये पर रूस की नाराजगी झलकी।
इन गोपनीय बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट में यूक्रेन युद्ध से दशकों पहले पुतिन की दूरदर्शी सोच का भी पता चलता है। पुतिन ने नाटो के विस्तार को रूस की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था और कहा था कि वह राजनीतिक और रणनीतिक माध्यमों से इसका विरोध करते रहेंगे। 2008 में बुश ने पुतिन की साफगोई की प्रशंसा की थी, लेकिन कहा था कि वह अमेरिकी नीतियों में बदलाव नहीं कर सकते हैं।
बुश और पुतिन के बीच हुई निजी बातचीत के नए दस्तावेजों से यह भी सामने आया है कि दोनों नेताओं ने चीन के उदय को भविष्य की बड़ी रणनीतिक चुनौती माना था। ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, बुश ने चीन को सबसे बड़ा दीर्घकालिक संकट बताया था।
