IAS श्रुति शर्मा के नाम पर फेसबुक पर फर्जी आईडी, एसडीएम ने जताई चिंता
देवरिया सदर की एसडीएम और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी श्रुति शर्मा के नाम का दुरुपयोग करते हुए फेसबुक पर कई फर्जी खाते बनाए गए हैं। इन नकली आईडी के माध्यम से आम जनता को ठगने का प्रयास किया जा रहा है। इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए, एसडीएम श्रुति शर्मा ने व्हाट्सएप स्टेटस के जरिए एक सार्वजनिक अपील जारी की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया है कि फेसबुक पर उनकी कोई भी आधिकारिक या पब्लिक प्रोफाइल नहीं है।
उन्होंने लोगों से इन फर्जी अकाउंट्स से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी साझा न करने का आग्रह किया है। यह भी बताया गया है कि इन नकली आईडी को रिपोर्ट करने की प्रक्रिया में मदद की जाए। यह घटना इंटरनेट मीडिया पर फर्जीवाड़े की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है, जहां प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया जाता है।
यूपीएससी 2021 की टॉपर रह चुकीं श्रुति शर्मा के नाम पर बने इन फर्जी फेसबुक प्रोफाइल पर बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। उदाहरण के तौर पर, ‘श्रुति शर्मा आईएएस’ नामक आईडी पर 19 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि ‘आईएएस श्रुति शर्मा ऑफिशियल’ पर 1700, ‘श्रुति शर्मा आईएएस टॉपर’ पर एक हजार और ‘श्रुति शर्मा आईएएस फैंस’ पर 1500 लोग जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त, ‘आईएएस श्रुति शर्मा मैम’ से 528, ‘आईएएस श्रुति शर्मा’ से 849, और ‘आईएएस श्रुति शर्मा मैस फैन क्लब’ से 2200 लोग जुड़े हैं। इन सभी प्रोफाइल पर उनकी विभिन्न तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे आम नागरिक भ्रमित हो सकते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब आईएएस अधिकारी श्रुति शर्मा फर्जीवाड़े का शिकार हुई हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में भी बिजनौर निवासी श्रुति शर्मा के नाम से ट्विटर (अब एक्स) और फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर विवादित पोस्ट किए गए थे। उस समय भी इस मामले ने तूल पकड़ा था।
एसडीएम श्रुति शर्मा ने इस संबंध में कहा, “फेसबुक पर मेरे नाम से कई फर्जी आईडी बनाया गया है। जानकारी होने पर मैं हैरान हूं। इसलिए रिपोर्ट करने के लिए आग्रह किया गया है।” उन्होंने जनता से सतर्कता बरतने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जांच जारी है। सोशल मीडिया के इस दौर में, पहचान की सुरक्षा और ऑनलाइन सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
