देवरिया में एक साथ तीन महिलाओं का जनाजा, गांव में पसरा मातम
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के नवलपुर गांव में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। मऊ में हुई एक भीषण बस दुर्घटना में एक ही परिवार की तीन महिलाओं, जिनमें एक सास और दो बहुएं शामिल थीं, की दुखद मृत्यु हो गई। शुक्रवार की रात जब तीनों का एक साथ जनाजा गांव से निकला, तो पूरा गांव गमगीन हो उठा और लोगों की आंखें नम हो गईं।
यह हादसा तब हुआ जब नवलपुर के रफीक अहमद अपने परिवार के साथ मऊ जिले के पहाड़पुर गांव में एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से वे प्रेमपुर स्थित अपनी बहन से मिलने के लिए ई-रिक्शा से जा रहे थे। इसी दौरान एक अनियंत्रित बस ने ई-रिक्शा को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गंभीर दुर्घटना हुई। इस दुर्घटना में 60 वर्षीय मोहजबीन, 33 वर्षीय बहु शाहिन और 30 वर्षीय छोटी बहू नूरी की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मृत्यु हो गई। परिवार के अन्य सदस्य भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
दुर्घटना की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। मृतकों के शव देर रात गांव पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार से पहले का माहौल अत्यंत दुखद था। मृतकों में शामिल दोनों बहुओं के पांच मासूम बच्चों ने इस हादसे में अपनी मां का साया खो दिया है। ये बच्चे, जिनकी उम्र डेढ़ साल से नौ साल के बीच है, वर्तमान में मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन बच्चों के सिर से मां का प्यार और दुलार हमेशा के लिए छिन गया है।
परिवार के बड़े बेटे तौमिन, जो पूना में रहते हैं, खबर सुनकर देर रात गांव पहुंचे। उन्होंने अपनी पत्नियों के जनाजे में शामिल होकर अपने दुख को व्यक्त किया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि घर में अब कोई महिला नहीं बची है। उनके पिता और दादा ही अब उनके एकमात्र सहारे हैं, लेकिन मां की ममता की पूर्ति कोई नहीं कर सकता। बच्चों के स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, लेकिन इस अनमोल रिश्ते के खो जाने का गम शायद ही कभी भर पाए।
