ठंड में High Blood Pressure के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके
कड़ाके की ठंड के कारण बिहार सहित कई राज्यों में हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के मरीजों में हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है। इसके साथ ही, लोग सामान्य से कम पानी पीते हैं, जिससे रक्त गाढ़ा होने लगता है। इन दोनों कारणों से रक्तचाप तेजी से बढ़ सकता है, जो हृदयाघात और मस्तिष्क रक्तस्राव (ब्रेन हैमरेज) का मुख्य कारण है।
इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIC) के उप निदेशक डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि ठंड में पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी पीना बेहद जरूरी है। यह शरीर की तरल आवश्यकताओं को पूरा करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। रात में सोने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीने से हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम कम होता है।
डॉक्टरों ने बताया कि इस मौसम में अचानक बीपी शूट करने की संभावना होती है। इसलिए, सुबह-सुबह खुले मैदान में टहलने से बचें। धूप निकलने के बाद ही सैर पर जाएं। यदि धूप न निकले तो घर के अंदर ही हल्का व्यायाम और प्राणायाम करें। नियमित हल्का व्यायाम और सक्रिय दिनचर्या रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक है।
खानपान में सावधानी भी जरूरी है। सर्दियों में उच्च प्रोटीन युक्त और सुपाच्य भोजन का सेवन करें, ताकि शरीर की ऊर्जा बनी रहे और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो। नमक का सेवन प्रतिदिन पांच ग्राम से अधिक न हो, क्योंकि अधिक नमक रक्तचाप को तेजी से बढ़ा सकता है। तला-भुना, ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
