पश्चिम चंपारण में ATM लूट से हड़कंप, पुलिस की गश्ती पर उठे सवाल; बेकाबू Bihar crime news
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा उठाए गए तमाम कदमों के बावजूद आपराधिक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में बेतिया में हुई एटीएम लूट की बड़ी वारदात ने एक बार फिर जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
19 दिसंबर की रात नगर थाना क्षेत्र के आलोक भारती चौक और नौतन थाना क्षेत्र के गहीरी स्थित एसबीआई एटीएम को अपराधियों ने गैस कटर से काटकर 25 लाख 26 हजार 300 रुपये की चोरी कर ली। अपराधी इनोवा कार से आए थे और वारदात से पहले एटीएम सेंटर पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर ब्लैक स्प्रे कर दिया, ताकि उनकी पहचान न हो सके।
यह घटना तब हुई जब जिले में अपराध नियंत्रण के लिए विगत कुछ वर्षों में कई स्तरों पर कदम उठाए गए हैं। थानों की संख्या बढ़ाई गई, चौक-चौराहों और प्रमुख सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई और सदर अनुमंडल का विभाजन कर अतिरिक्त डीएसपी की नियुक्ति तक की गई। इसके बावजूद चोरी, ठगी और सेंधमारी की घटनाएं थम नहीं रही हैं।
एटीएम चोरी की वारदात के बाद पुलिस ने डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक साइंस लैब की टीम से जांच कराई। आसपास और अपराधियों के संभावित आने-जाने के रास्तों पर लगे कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। लेकिन अब तक किसी भी अपराधी का सुराग नहीं मिल सका है। हर तरफ निगरानी के दावों के बावजूद अपराधियों का चेहरा किसी फुटेज में कैद नहीं हो पाया है।
जिले में कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे महज लगे होने तक सीमित नजर आते हैं। उनकी नियमित निगरानी, रखरखाव और रियल टाइम मॉनिटरिंग की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं देती। पुलिस गश्ती और स्थानीय सूचना तंत्र की सुस्ती का फायदा अपराधी खुलेआम उठा रहे हैं। एटीएम से चोरी की घटना के बाद पुलिस की गश्ती टीम पर भी सवाल खड़ा हो गया है।
