उत्तराखंड में भारी बारिश: GVK डैम से छोड़ा सवा लाख क्यूसेक पानी, गंगा किनारे अलर्ट
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। श्रीनगर स्थित जीवीके डैम और पशु लोक बैराज पर पानी का दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। मंगलवार की सुबह, जीवीके डैम से एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद सिंचाई विभाग ने गंगा नदी के किनारे हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र कुमार अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से अपने सभी इंजीनियरों को नदी किनारे सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जीवीके डैम से छोड़े गए पानी के पशु लोक बैराज से गुजरने पर गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है। विभाग के इंजीनियरों को लगातार नदी के जलस्तर पर पैनी नजर रखने और तटबंधों की स्थिति का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। मनरेगा के तहत बने तटबंधों की भी नियमित जांच की जा रही है।
प्रशासन ने भी नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले ग्रामीणों और पशुपालकों को सतर्क रहने और नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। सोरों के लहरा, कछला और कादरगंज जैसे गंगा घाटों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे उफनती गंगा में स्नान करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और केवल किनारे पर ही स्नान करें। सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कटान की स्थिति उत्पन्न होती है, तो बाढ़ चौकियों पर पर्याप्त मात्रा में बोरों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह स्थिति लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
